बंद चीजें

कान कसकर बंद करने भर से
सुनाई पड़ना बंद नही होता
चीज़ें दिखती रहती हैं
आँखें बंद कर लेने पर भी
और कुछ न कुछ बोल जातें हैं
सिले हुए होंठ भी.

हम बस ढोंग करते हैं
न देखने, न सुनने
या फिर न बोलने का
और मन को समझा कर
कोशिश करते हैं ख़ुश रहने की
अपनी दुनिया में
अपनी बनाई सीमाओं में.

पर शायद
सोचना बंद हो जाता होगा
दिमाग़ बंद कर लेने से
नही तो कैसे चलता व्यापार
नफ़रत के सौदागरों का

बिंद्रा ने जीता सोना !

निशाने बाज अभिनव बिंद्रा ने आज उस समय इतिहास रचा जब उन्होने भारत के लिए ओलिंपिक स्पर्धा की व्यक्तिगत श्रेणी मे पहला गोल्ड मेडल जीता।अभिनव ने ये मेडल १० मीटर एयर राइफ़ल स्पर्धा में जीता. उन्होने कुल ७००.५ अंको के साथ स्पर्धा मे पहला स्थान प्राप्त किया जबकि पूर्व ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट चीन के झू किनन दूसरे और फिनलॅंड के हकिनेन तीसरे स्थान पर रहे. अभिनव की इस उपलब्धि पर उन्हे बधाई.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

जब हम मिलेंगे फिर !

एक दिन कभी
शायद हम फिर मिलें
जीवन के किसी मोड़ पर
यूँ ही भटकते हुए
तब शायद हम ढोंग करें
एक-दूसरे को न जानने का.

या फिर हम पहचान लें
और थोड़ा मुस्कुरा कर कहें
“अच्छा लगा तुमसे मिलकर”
और कर के कुछ इधर-उधर क़ी बातें
अचानक कोई ज़रूरी काम याद आने कि बात कहकर
थोड़ा और मुस्कुराएंगे
और अलग होंगें कह कर
फिर से मिलने क़ी उम्मीदों के बारें में .

लेकिन ये सब कुछ
शुरू से ही झूठ होगा
यक़ीनन धोखा होगा ख़ुद से ही
उस वक़्त हमे मिलना नही पसंद आएगा,
मुस्कुराना भारी लगेगा,
बातें करना दर्द देगा
और तो और
फिर से अलग होना भी परेशान करेगा
दिल रोएगा आँसू छिपा
फिर से अलग होने क़ी बेबसी से.

लेकिन कभी नही रहा
इतना समझदार ये दिल
ये फिर से मिलना चाहता है
बातें करना और मुस्कुराना चाहता है
ज़ख़्मों को फिर से खोल-खोल कर
फिर-फिर से रोना चाहता है.